Hing Quality and Nutrients in Hindi

किचन में हींग (Hing) हम सभी के रहती है। ये हींग खाने का स्वाद तो बढ़ाती ही है साथ ही आपको बीमारियों से भी मुक्त रखती है। हींग में एैसे तत्व होते हैं जो आपकी सेहत के लिए लाभकारी होते हैं। यह एक वैदिक कारगर औषधि है। अंग्रेजी में इसे (asafoetida) कहा जाता है जो पेट के कई बीमारियों का उपचार करती है हींग। इस लेख में आप जानेंगे कैसे आपको हींग का प्रयोग करना है रोगों के उपचार में और साथ ही कितनी मात्रा में आपको इसका सेवन करना है।

हींग में मौजूद गुण और तत्व – Hing Quality and Nutrients in Hindi

हींग में मौजूद गुण और तत्व – Hing Quality and Nutrients in Hindi

वैदिक आयुर्वेद में हींग के गुणों के बारे में विस्तार से बताया गया है। यही नहीं आधुनिक विज्ञान ने भी इसके उपर कई शोध किए हैं। हींग में टरपीनेयोल, एजुलीन, फेरूलिक ​एसिड, ल्युटेलिन आदि तत्व पाए जाते हैं। इन सब के अलावा यदि हींग में मौजूद खनिज और विटामिनों की बात करें तो इसमें केरोटीन, कैल्शियम, नियासिन, फास्फोरस और आयरन के अलावा राइबोफ्लेविन तत्व पाए जाते हैं।

बहुत ही कम लोग इस बात को जानते हैं की हींग में मौजूद पेरूलिक एसिड कई बीमारियों की रोकथाम करता है। ये तत्व बहुत महत्वपूर्ण होता है। क्योंकि यह एंटीआॅक्सीडेंट गुणों से भरपूर होता है जो दर्द, अस्थमा, मानसिक तनाव, कफ, मांसपेशियों में होने वाल ऐंठन, मासिक धर्म की दिक्कत, अर्थराइटिस, पेट की गैस, अपच आदि में काफी लाभ देता है। इन सबके अलावा पेरूलिक एसिड में एंटी बेक्टिरियल, एंटी इंफ्लेमेटरी, एंटी वायरल, एंटी कैंसर, एंटी स्पास्मोडिक गुण मौजूद रहते हैं।

हींग के फायदे रोगों के उपचार में – Hing ke fayde rogo ke upchar mei

खाना पचाने के लिए – health benefits of asafoetida hing in Hindi

आपको यदि खाना नहीं पचता है। और अपच की समस्या रहती हो तो आप रात को खाना खाने के बाद सिर्फ दो गोलियों हींग का सेवन करें। इससे खाना हजम होने में आसानी होगी। और इससे अर्जीण और डकार से भी आपको नहीं होगी।

पेट के रोग – Heeng ke labh pet ke rogo mei

दोस्तों पेट के कई रोग होते हैं जैसे गैस, आंत की बीमारी, अपच आदि। इन सभी समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए आपको केवल हींग की गोलियों का सेवन करना है।

श्वास के रोग – Asafoetida prevents Respiratory diseases in Hindi

दोस्तों श्वास की दवा का काम करती है ये हींग। श्वास के कई तरह के रोग होते हैं जैसे खांसी, सूखी खांसी या काली खांसी आदि। इन रोगों के उपचार में आप शहद लें और फिर उसमें हींग और अदरक को मिलाकर सेवन करें। आपको लाभ होगा।

वायु रोग –  Asafoetida for stomach Pain in Hindi

जब इंसान को वायु रोग हो जाता है तब इससे बड़े ही नहीं बच्चे भी परेशान होते हैं। एैसे में पेट में दर्द हो सकता है। पेट दर्द होने पर आप हींग को गरम पानी में घोल लें और फिर इससे नाभि के आसपास वाले हिस्से पर लगाएं। इससे बच्चे हों या बुजुर्ग सभी को पेट के दर्द से आराम मिलता है।

हाई ब्लड प्रेशर में – heeng ke fayde high blood pressure Mei

अगर आपको ब्लड प्रेशर है यानि की उच्च रक्तचाप है तो आप हींग को जरूर अपने भोजन में शामिल करें।

ब्लड शुगर का स्तर

आपको बता दें ब्लड शुगर का लेवल को हींग की कम कर सकता है। एैसे में हींग को खाना ना भूलें। कुल मिलाकर कहें की हींग मधुमेह को नियंत्रित रखती है।

हृदय संबंधी रोग

दिल की बीमारी जैसे हृदय घात की सबसे बड़ी वजह होती है कोलेस्ट्रॉल। हींग में क्यूमेरिन तत्व पाया जाता है। जो हमारे रक्त को आसानी से पतला करने का काम करता है। साथ ही इस तत्व से खून का थक्का भी नहीं बनता है। क्यूमेरिन तत्व कोलेस्ट्रॉल के स्तर को घटाती है। और इससे हमारा हृदय बीमारियों से मुक्त रहता है।

हिचकी आने पर

अगर आपको हिचकी होती है और बंद नहीं होती है तो आप हींग को गुड़ के साथ खाने भी लाभ मिलता है।

फोड़े और फुंसी हो रहे हों

फोड़े और फुंसी होने पर या फिर मुंहासे हो जाने पर आप हींग के साथ नीम की पत्तियों को पीस लें और फिर इसे मुंहासों या फोड़े व फुंसी पर लगा लें। इससे आपको आराम मिल जाता है।

त्वचा जलने पर

कई बार किचन में काम करते—करते चूल्हे या गैस में हमारा हाथ जल जाता है। और फिर इससे हमारी त्वचा में जलन होने लगती है। यही नहीं कई बार तो फफोला भी बन जाता है। एैसे मं आप पानी के साथ हींग को घोल लें और तुंरत जली हुई जगह पर लगा लें। आपको फफोला नहीं होगा।

कैंसर में

जैसा की आपको बताया है की हींग में शक्तिशाली एंटीआॅक्सीडेंट मौजूद रहते हैं। जो कैंसर से शरीर को बचाने का काम करते हैं साथ ही फ्री रेडिकल की वजह से होने वाली समस्याओं को भी खत्म करता है। जो ​हिंग खाता है उसे कैंसर नहीं होता है।

दस्त में

दस्त होने पर आप हींग को पानी में घोलकर पीएं। नहीं तो आप पहले से ही इस चीज को बनाकर रखलें। इसके लिए आप सेंधा नमक, सोंठ, हींग, जीरा इन सभी को आपस में दस—दस ग्राम मिला लें और किसी  शीशी में डाल लें। और दस्त होने पर आप गुनगुने पानी में एक चम्मच चूर्ण सुबह—शाम इसका सेवन करें।

एक आयुर्वेदिक औषधि है हींग। अगर आप हींग के मूल तत्व को समझ लेंगे तो आपको कोई रोग नहीं हो सकते हैं।

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